मुख्यपृष्ठSurdas चरन कमल बंदौ हरिराई byAdmin •27 जून 0 चरन कमल बंदौ हरिराई । जाकी कृपा पंगु गिरि लंघे,अंधे को सब कछु दरसाई ॥१॥ बहरो सुने मूक पुनि बोले,रंक चले सिर छत्र धराई । ‘सूरदास’ स्वामी करुणामय, बारबार बंदौ तिहिं पाई ॥२॥ Charan Kamal Bando Hari Rai जय श्री राधे कृष्णा Tags: Surdas Facebook Twitter