भज मन राम चरण सुखदाई byAdmin •04 जुलाई भज मन राम चरण सुखदाई जिहि चरनन से निकसी सुरसरि संकर जटा समाई । जटासंकरी नाम परयो है, त्रिभुवन तारन आई ॥1 जिन चरनन की चरनपादुका भरत रह्यो लव लाई । सोइ चरन केवट धोइ लीने तब हरि नाव चलाई ॥2 सोइ चरन संत जन सेवत सदा रहत सुखदाई । सोइ …