जय श्री कृष्ण बहुत ध्यान से पढे...👌👉👉👇🍁🌿✨💫 प्रहलाद महाराज ने अपने पिता दैत्य-राज हिरन्यकशिपू के पूछने पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षा के रूप में नवधा भक्ति (९ प्रकार की ...
यक्ष और युधिष्ठिर संवाद- यक्ष – जीवन का उद्देश्य क्या है? युधिष्ठिर – जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है। यक्ष ...
एक बहोत ही महत्वपूर्ण बात 👉समझने की कोशिश करियेगा 👇👇👇👇👇👇👇👇👇 रावण जब रणभूमि में मृत्युशय्या पर अंतिम सांसे ले रहा था तब उसने श्री राम से कहा- 🏆'राम मैं तुम...
जब महाभारत में भीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा की कि कल पांडवो को मार डालूँगा,तो भगवान धर्म संकट में आ गए एक ओर भक्त भीष्म की प्रतिज्ञा और दूसरी ओर अर्जुन. भगवान को नीद नहीं आ रही थी यहाँ से वहाँ,टहल रहे थे,आधी से ज्यादा रात हो गई.भ…
बरसाने में एक छोटा सा स्थान है मोर-कुटी. इस स्थान कि महिमा मै बताने जा रहा हूँ. एक समय की बात है जब लीला करते हुए राधा जी प्रभु से रूठ गयी और वो रूठ के मोर-कुटी पर जा के बैठ गयी और व...
भगवान रक्षा करते है पर कोई उनके चरणों में भरोसा तो रखे । चमत्कार उसी को दिखाई देंगे जिसका भरोसा बड़ा पक्का होगा , जिसकी आस्था में कमी नहीं होगी उसको चमत्कार दिखाई देंगे । आपने शायद कभी सुना होगा ये प्रसंग - जब महाभारत का युद्…
जब श्री राधा जी ने खोई अपनी मौलीसिरी 🌺🍃🌺🍃🌺🍃🌺🍃🌺 🍃🌺🍃🌺🍃🌺🍃🌺 श्री राधा जी अपनी सखियों के साथ जमुना-पुलिन विचरण विहार करके वापस घर लौट रही हैं,अति सहमी सहमी और उदास सी। इसका कारण है माता के रोष का भय, क्योंकि आज…
सुदामा ने एक बार श्रीकृष्ण ने पूछा कान्हा मैं आपकी माया के दर्शन करना चाहता हूं कैसी होती है? "श्री कृष्ण ने टालना चाहा, लेकिन सुदामा की जिद पर श्री कृष्ण ने कहा, "अच्छा, कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा" और फिर एक दिन …
राधा कृष्ण की पहली मुलाकात और कैसे शुरू हुआ इनका प्रेम !! देवी राधा को पुराणों में श्री कृष्ण की शश्वत जीवन संगिनी बताया गया है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में बताया गया है कि राधा और कृष्ण का प्रेम इस लोक का नहीं बल्कि पारलौक है। स…
पौराणिक कथाओं में श्रीराम को विष्णु का अंशावतार माना जाता है। कथा के अनुसार, पाप के बोझ से त्रस्त पृथ्वी के करुण क्रंदन पर शेष-शय्या पर लेटे भगवान विष्णु त्रेता युग में राम के रूप में अवतरित होने का आश्वासन देते हैं। फलस्वरूप श्र…
भीष्म पितामह के शरशय्या पर पड़ जाने के बाद कर्ण भी महाभारत के युद्ध में शामिल हो गए. युद्ध अब चरम पर पहुंच चुका था. कर्ण अर्जुन का वध करने का प्रण लेकर उतरे थे. कर्ण ने अर्जुन पर तेज बाणों से प्रहार शुरू किया. कर्ण का एक बहुत…
क्षीरसागर में स्थित त्रिकूट पर्वत पर लोहे, चांदी और सोने की तीन विशाल चोटियां थीं. उनके बीच विशाल जंगल में गजेंद्र हाथी अपनी असंख्य पत्नियों के साथ रहता था. एक बार गजेंद्र अपनी पत्नियों के साथ प्यास बुझाने के लिए एक तालाब पर पह…
महाराज युधिष्ठिर ने इंद्रप्रस्थ का राजपाट संभाल लिया था. कौरवों से मिले बंजर प्रदेश को पांडवों ने अपनी लगन से समृद्ध बना लिया था. महाराज युधिष्ठिर काफी दान देते थे. धीरे-धीरे उनकी प्रसिद्धि दानवीर राजा के रूप में होने लगी. पांड…
राजा अंबरीश भगवान विष्णु के महान भक्त थे. उनकी कीर्ति देवलोक तक में फैली थी. एक बार, अंबरीश ने एकादशी व्रत किया. एकादशी का व्रत अगले दिन यानी द्वादशी को तोड़ा जाता है. व्रत तोड़ने के बाद साधुजनों को भोजन कराना होता है. द्व…