
रखवाला प्रतिपाला मेरा बंसी बजाने वाला
भगतों की विपदा को हरता-
गऊयें चराने वाला रे वाला |
मोर मुकुट मस्तक पे सोहे , तीन बाण कर धारी
जब जब भक्तों पर दुःख आये , बनता संकट हारी
कदम कदम पर रक्षा करता , चीर बढ़ाने वाला रे वाला || 1 ||
तन केशरियो बागो सोहे , सोहे कमर कटारी
मुख मण्डल की छटा निराली , अंखियाँ है कजरारी
मोर छड़ी से कष्ट भगवे , लिले घोड़े वाला रे वाला || 2 ||
कलयुग में ये सकल देवता , धयावे दुनियाँ सारी
घर घर इनकी ज्योत जगे है , धूम मची है भारी
दास करे है विनती , खोल करम का ताला रे ताला || 3 ||
''जय श्री राधे कृष्णा '