
राधा सुनु राधा देखूं
राधा राधा गाऊँ सखी
कौन विधि राधा रीझै
राधा को रिझाऊँ सखी
राधा नाम की ओढ़ चुनरिया
सज सज मैं जाऊँ सखी
राधा नाम से ही स्वास् चले
हर और राधा पाऊँ सखी ||1||
चरण चापुं मेहँदी लगाऊँ
राधा को सजाऊँ सखी
राधा ही सुर ताल बने
राधा राधा गाऊँ सखी ||2||
धरा राधा अम्बर भी राधा
चहुँ और राधा पाऊँ सखी
राधा राधा पल भी भूलूँ
विरहणी हो जाऊँ सखी ||3||
राधा सेवा ही जीवन हो
और कौन देव मनाऊँ सखी
राधा राधा सब ही राधा
बलिहारी मैं जाऊँ सखी ||4||
जै श्री राधे कृष्ण
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श्री कृष्णायसमर्पणं
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