मन्दिर खुले तुम्हारे भगवन लेकिन कैसे आऊँ मैं byरचनाकार •08 जुलाई मन्दिर खुले तुम्हारे भगवन लेकिन कैसे आऊँ मैं, भक्त कहाने के चक्कर में अपनी जान गँवाऊँ मैं, मास्क पहन कर आऊँ भी तो कैसे तुम पहचानोगे दयादृष्टि प्रभु तुम्हारी बोलो किस विधि पाऊँ मैं भगवान का उत्तर खुलवा दिये हैं पट …