मुख्यपृष्ठ आई बदरिया बरसन हारी byरचनाकार •20 सितंबर 0 आई बदरिया बरसन हारीगरज गरज दामिन दम्कावेचूंदरी में झलक किनारी ||1||मधुर मधुर कोकिल बन बोले ,भवन भवन गावत ब्रजनारी ||2||चलत पवन शीतल नारायण ,परत फुहार लगत अति प्यारी ||3||''जय श्री राधे कृष्णा '' Facebook Twitter