आई बदरिया बरसन हारी



आई बदरिया बरसन हारी

गरज गरज दामिन दम्कावे
चूंदरी में झलक किनारी ||1||

मधुर मधुर कोकिल बन बोले ,
भवन भवन गावत ब्रजनारी ||2||

चलत पवन शीतल नारायण ,
परत फुहार लगत अति प्यारी ||3||

''जय श्री राधे कृष्णा ''


Share your thoughts on Lord Krishna. Join the discussion! 🕉️💬🙏

एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने