मुख्यपृष्ठ बहेन सुभद्रा राखी बांधत, byरचनाकार •20 सितंबर 0 बहेन सुभद्रा राखी बांधत, बल और श्री गोपाल कें |कनक थार अक्षत भर कुमकुम, तिलक करत नंदलाल कें ||१||आरती करत देत न्योछावर, वारत मुक्तामाल कें ||२||आसकरण प्रभु मोहन नागर, प्रेम पुंज ब्रजबाल कें ||३||''जय श्री राधे कृष्णा '' Facebook Twitter