मेरा सँवारा प्रेम करता सभी से

मेरा सँवारा प्रेम करता सभी से






मेरा सँवारा प्रेम करता सभी से,सभी कर्म समझे , सभी लेख देखे , वाकिफ सभी से |

 जुबाँ से ना बोले , मगर सबको तोले,
राज किसी का किसी पे न खोले,
जैसा जो करता , वैसा वो भरता, सुना है गुणी  से || १ ||

अहम न सुहाय , भरम ये मिटाये,
भगतों पे अपनी , दया बरसाये,
दिलदार ऐसा , करतार ऐसा , न देखा कहीं पे || २ ||

" नन्दू "  समझ ले , बदि से निकलले ,
प्रेम के पथ पर गुज़र ले बिचर ले ,
हर पल रिझाना , कभी ना भुलाना , कान्हाँ को दिल से || ३ ||

''जय श्री राधे कृष्णा ''









Previous Post
Next Post

post written by:

0 Comments: