
झूल रहे तीन देव बन करके लालना
माता अनुसूइया ने डाल दिया पालना ||
बालक की भाँति प्रभु रूदन मचावे
ब्रह्मा जी शिव से संकेत में बतावे ,
लेने आये भेद यहाँ गली नहीं दाल न ||१||
उर में उमंग भरे माता पुचकारे
रोवो मत लाल मेरे वचन उचारे ,
खावो ,पीवो ,खेलो पर करो नहीं चालना ||२||
मेरे घर आये आज देने बधाई
भूल गए आज उनकी सारी चतुराई ,
भारत की देवियों से आज पड़ा सामना ||३||
तीन देवी दुखी होकर कुटिया में पधारी
माता हमें पति दे दो विनती हमारी
छ्ल कपट त्याग आई आज मेरे आँगना ||४||
विन्तियों को सुन सखी रोक दिया पालना
वार दिया देवियों को एक -एक लालना
तीन पुत्र ,तीन बहु आज मेरे आँगना ||५||
''जय श्री राधे कृष्णा ''
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