राधारमण हमारे लगे प्राणों से भी प्यारेभक्तों के प्राण जीवन

राधारमण हमारे लगे प्राणों से भी प्यारेभक्तों के प्राण जीवन








राधारमण हमारे लगे प्राणों से भी प्यारे
भक्तों के प्राण जीवन बेसहारों के सहारे|




ऐसा रूप है मनोहर जैसे प्रेम का सरोवर
डूबे जो इस भँवर में उसे कौन फिर उबारे ||1||



हर इक अदा निराली जैसे कोई इन्द्रजाली
हंस हंस के चैन लूटे और दिल पे डाका डाले ||2||



राधारमण रंगीले तेरे बोल हैं रसीले
तेरे नैन हैं नशीले मस्ती भरे इशारे||3||



राधारमण मैं गाऊँ राधारमण रिझाऊँ
बलिहारी उनके जाऊँ जो राधारमण पुकारे||4||



राधारमण बिहारी मानो विनय हमारी

कटे ज़िंदगी ये सारी प्रभु आपके ही द्वारे ||5||











जय श्री राधे कृष्ण




       श्री कृष्णाय समर्पणम्

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