
मैं तो भानु बाबा के डींग जाउंगी..
हाँ बधाई ले के आ..उं..गी..
अरे हाँ हाँ बधाई ले के आउंगी..
मैंने सुना है वहाँ लाली भई है..
लाली भी जग से निराली भई है..
जाके, लाली के दर्शन पाऊँगी ||1||
अरी गौने में लाई जो पचरंग साडी..
जयपुरिया लहंगा, वा पे गोटे की किनारी..
वा में लहर लहर लहराउंगी ||2||
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ऐरी सखी आज लागी या मन में..
कब पहुचुंगी मैं श्री महलन में..
मुख निरख निरख बलि जाउंगी ||3||
जय श्री राधे कृष्ण
श्री कृष्णाय समर्पणम्
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