मुख्यपृष्ठKrishna Bhajan कहा करौ बैकुंठहि जाय,जहाँ नहि नन्द जसोदा गोपी, जहाँ नहीं ग्वाल-बाल byरचनाकार •06 नवंबर 0 कहा करौ बैकुंठहि जाय,जहाँ नहि नन्द जसोदा गोपी, जहाँ नहीं ग्वाल-बाल और गाय ||1||जहाँ न जल जमुना कौ निर्मल, और नहीं कदमनि की छाय ||2||'परमानन्द' प्रभु चतुर ग्वालिनी, बज-रज तजि मेरी जाइ बलाय||3||जै श्री राधे कृष्ण🌺श्री कृष्णायसमर्पणं Tags: Krishna Bhajan Facebook Twitter