Krishna Bhajan

हे खाटू के श्याम प्रभु, मुझे दरस दिखा देना

हे खाटू के श्याम प्रभु, मुझे दरस दिखा देना, मेरी भूल क्षमा करना, मुझे दास बना लेना... हे खाटू के श्याम प्रभु, मुझे दरस दिखा देना, मेरी भूल क्षमा करना, मुझे दास बना लेना... मैं भटक रही बाबा, दुनिया के अंधेरो में, फंस गयी मैं अब बा…

bolo bolo kaaga mere raam kab aaenge

बोलो बोलो कागा मेरे राम कब आएंगे, दुखिया की झोपड़ी के भाग जग जायेगे आये नही साँवरे लगाई बड़ी देर रे भर भर राखे मैन बेर रे बलि बलि जाऊंगी जब राम मेरे खाएंगे ।।1।। या दे दे काग मेरे राम की खबरिया आएंगे धनुष धरि कौन से डगरिया  आँख्या …

Pad gaye jhoole priyatam nahin aaye, koo koo kare koyal man ko na bhaaye.

पड़ गये झूले प्रियतम नहीं आये, कू कू करे कोयल मन को न भाये। मन मोरा नाचे ये किसको बुलाये, जिसकी थी प्रतीक्षा वो नहीं आये॥ घिर घिर बदरवा तन को तडफाये, काली काली घटा ये मुझको डराये। पिया गये प्रदेश वापिस नहीं आये, क्या करू मैं मुझे …

Gopi Geet Bhajan Lyrix

गोप्य ऊचुः जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः श्रयत इन्दिरा शश्वदत्र हि । दयित दृश्यतां दिक्षु तावकास्त्वयि धृतासवस्त्वां विचिन्वते ॥१ ॥ शरदुदाशये साधुजातसत्सरसिजोदर श्रीमुषा दृशा । सुरतनाथ तेऽशुल्कदासिका वरद निघ्नतो नेह किं वधः ॥२ ॥ विषज…

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता तो दुनिया में कोई हमारा ना होता

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनिया में कोई हमारा ना होता। जब से मिली है दया हमको इनकी, तो राहें बदल दी मेरी ज़िन्दगी की। नज़ारे करम का इशारा ना होता, तो दुनिया में कोई हमारा ना होता॥ इन्ही के सहारे जीए जा रहे है, नाम का…

मुझे चूड़ियाँ पहना दो मेरे घुंघरू बंधा दो

मुझे चूड़ियाँ पहना दो मेरे घुंघरू बंधा दो मैं तो दुल्हन बनुगी घनश्याम की मैं तो रानी बनुगी ब्रज धाम की । अपने पिया की मैं दुल्हन बन जाऊँगी वृंदावन की कुंज गलिन में झूमू नाचूँ गाऊँगी मेंरे कजरा लगा दो मेरे मेंहन्दी सजा दो ।।1।। रग …

मेरे गुरु श्री वल्लभ मेरे गुरु श्री वल्लभ

मेरे गुरु श्री वल्लभ, मेरे गुरु श्री वल्लभ । युग युग राज करो  ॥  समरथ गुरु हमारे है, श्रीवल्लभ नाम है । ब्रजके चंद्र समान है ॥  दियो ब्रह्म संबंध, लियो शरणमें, पधराई प्रभुकी सेवा, कृपादृष्टिकी खान है ॥ अति दयालु, अति कृपालु, कियो…

प्यारा साँवरिया थारा ठाठ देखकर मन हरषावे है प्यारा सांवरियां

प्यारा साँवरिया थारा ठाठ देखकर मन हरषावे है प्यारा सांवरियां । सज्यो धजो बनडों सो बनकर सिंहासन पर बैठ्यो जी मोटा मोटा सेठ द्वार पर चँवर डुलावे है ।।1।। सेठा को भी सेठ जगत को महा सेठ सांवरिया जी जो भी आवे द्वार पर अपडा शीश झुकावे …

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